गांधी सभागार, विकास भवन में किसान दिवस का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक द्वारा गत माह आयोजित किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई से कृषकों को अवगत कराते हुए की गई।
उप कृषि निदेशक ने कीटनाशी रसायनों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी तथा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि धान की फसल में रसायनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता इंजीनियर अतुल मिश्रा ने सुझाव दिया कि धान फसल के लिए आवश्यक खरपतवारनाशी दवाएं एवं सल्फर-पोटाश की 2-2 किलोग्राम की पैकिंग में कृषि रक्षा इकाइयों पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने भलुअनी स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार तक जाने वाले मार्ग से अवैध अतिक्रमण हटवाने की मांग भी रखी, जिस पर उप कृषि निदेशक ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने मांग की कि किसान दिवस की प्रत्येक मासिक बैठक में राजस्व विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करे, जिससे भूमि संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
धान की फसल हेतु कीटनाशी रसायनों की जानकारी मांगने पर विषय वस्तु विशेषज्ञ धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रेटिलाक्योर 50-50 एल. सभी कृषि गोदामों पर उपलब्ध है, जिसकी कीमत ₹336 प्रति लीटर है, जिस पर 50% अनुदान भी देय है। इच्छुक कृषक कृषि रक्षा इकाइयों से रसायन क्रय कर सकते हैं।
किसान दिवस की बैठक में परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, अपर जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता (नहर), भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता (विद्युत), सहायक अभियंता (नलकूप), मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य) सहित राघवेन्द्र प्रताप शाही, कौशलेशनाथ मिश्र (प्रदेश उपाध्यक्ष, भा.कि.यू.), इंजीनियर अतुल मिश्रा, रमेश मिश्रा, अनिरुद्ध सिंह, मारकण्डेय सिंह, मनोज पाण्डेय, भरत सिंह, सत्याग्रहण सरोज तथा अन्य प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।